विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के पीड़ितों और अपराधियों को एक समान नहीं मानना चाहिए। भारत को आतंकवादी हमलों से अपने लोगों की रक्षा का पूरा अधिकार है। क्वाड साझेदारों से भारत को समर्थन की उम्मीद है।

वाशिंगटन: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद के पीड़ितों और अपराधियों को कभी भी समान नहीं माना जाना चाहिए और भारत को आतंकवादी हमलों से अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के अपने समकक्षों की मौजूदगी में जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत को उम्मीद है कि उसके क्वाड साझेदार आतंकवाद से निपटने के मामले में उसकी स्थिति को समझेंगे और उसकी सराहना करेंगे।
जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक से पहले मीडिया से यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "विश्व को आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दिखानी चाहिए। पीड़ितों और अपराधियों को कभी भी समान नहीं माना जाना चाहिए और भारत को आतंकवाद से अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है।' विदेश मंत्री ने कहा, " और हम उस अधिकार का प्रयोग करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे क्वाड साझेदार इस बात को समझेंगे और इसकी सराहना करेंगे।" उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के लिए चयन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की मांग
जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक से पहले मीडिया से यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "विश्व को आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दिखानी चाहिए। पीड़ितों और अपराधियों को कभी भी समान नहीं माना जाना चाहिए और भारत को आतंकवाद से अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है।' विदेश मंत्री ने कहा, " और हम उस अधिकार का प्रयोग करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे क्वाड साझेदार इस बात को समझेंगे और इसकी सराहना करेंगे।" उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के लिए चयन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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