आकाश मिसाइल, गरुड़ तोपें... बढ़ गई है डिमांड, यह देश करना चाहता है भारत से डील, चीन में खलबली

 

धानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते ब्राजील जाएंगे। ब्राजील भारत से रक्षा उपकरण खरीदना चाहता है। इनमें आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और गरुड़ आर्टिलरी गन शामिल हैं। दोनों देश रक्षा सहयोग बढ़ाने पर बात करेंगे। साझा रिसर्च और टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान भी होगा। ब्राजील युद्ध के मैदान में सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम चाहता है।

brazil interested to buy akash missiles and garuda guns from india chinas worries increase
(फोटो- नवभारतटाइम्स.कॉम)
नई दिल्‍ली: अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रि‍क्‍स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील जाने वाले हैं। इससे पहले, विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ब्राजील भारत के रक्षा उपकरणों में दिलचस्पी दिखा रहा है। ब्राजील भारत से आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और गरुड़ आर्टिलरी गन जैसे हथियार खरीदना चाहता है। दोनों देश रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर बात कर रहे हैं। इसमें संयुक्त रिसर्च, टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान और ट्रेनिंग शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी 5 से 8 जुलाई तक ब्राजील में रहेंगे। इसके बाद वह घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया भी जाएंगे।

ब्राजील का भारत की ओर रुझान चीन के लिए कई कारणों से चिंता का विषय हो सकता है। पहला, चीन खुद एक बड़ा रक्षा निर्यातक है। वह लैटिन अमेरिका सहित विकासशील देशों में अपने सैन्य उपकरण बेचने की कोशिश करता रहा है। भारत के रक्षा उत्पादों की बढ़ती मांग, विशेष रूप से ऐसे देशों से जो पारंपरिक रूप से चीनी या रूसी उपकरणों पर निर्भर रहे हैं, चीन के बाजार हिस्सेदारी के लिए चुनौती पेश करती है।

चीन के ल‍िए बड़ा मैसेज

दूसरा, ब्राजील ब्र‍िक्‍स का सदस्य है, जिसमें चीन भी शामिल है। ब्र‍िक्‍स के भीतर भारत और ब्राजील के बीच गहरा रक्षा सहयोग बीजिंग के लिए यह संकेत है कि समूह के भीतर भी भारत का प्रभाव बढ़ रहा है। वह सिर्फ एक आर्थिक भागीदार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण रणनीतिक खिलाड़ी भी है।

यह सौदा इंडो-पैसिफिक और लैटिन अमेरिका दोनों क्षेत्रों में भू-राजनीतिक गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है। भारत और ब्राजील के बीच मजबूत रक्षा संबंध चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को संतुलित करने में सहायक हो सकते हैं। यह भारत को एक विश्वसनीय रक्षा भागीदार के रूप में स्थापित करेगा, खासकर उन देशों के लिए जो चीन पर अत्यधिक सैन्य निर्भरता से बचना चाहते हैं।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कहा, 'ब्राजील के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होगी। हम संयुक्त रिसर्च, टेक्नोलॉजी शेयरिंग और ट्रेनिंग के रास्ते तलाश रहे हैं। अभी यह तय नहीं है कि किस तरह का सहयोग संभव है और हम ब्राजील को कौन से रक्षा उपकरण बेच सकते हैं।'

कुमारन ने आगे बताया कि ब्राजील कुछ खास चीजों में दिलचस्पी दिखा रहा है। उन्हें युद्ध के मैदान में सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम, अपतटीय गश्ती पोत (OPV) और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों को बनाए रखने में भारत की मदद चाहिए। इसके अलावा, ब्राजील आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी प्रणाली और गरुड़ आर्टिलरी गन में भी रुचि दिखा रहा है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Contact Form